जन आवाज#डर
जो सत्ता से डर जाए, विज्ञापन देख झुक जाए, सुविधा देखकर बिक जाए - - वो पत्रकार हो ही नहीं सकता
खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) कटनी। वैसे तो पत्रकारों की दो ही नस्ल होती है। एक वो जो सवाल छेड़ते हैं, दूसरे वो ज…
5/21/2026 11:23:00 pm0
जन आवाज
#राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू
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#सरकार
जन आवाज#डर
खरी-अखरी(सवाल उठाते हैं पालकी नहीं) कटनी। वैसे तो पत्रकारों की दो ही नस्ल होती है। एक वो जो सवाल छेड़ते हैं, दूसरे वो ज…