आपको बता दें कि yashbharat.com नाम से न्यूज पोर्टल कटनी में चल रहा है। जिसका मालिक भाजपा विधायक संजय पाठक है। न्यूज पोर्टल को चलाने के लिए संजय पाठक ने बकायदा वेतनभोगी के रूप में कर्मचारी लगा रखे हैं। जिसमें मुख्य रूप स्थानीय संपादक की जिम्मेदारी आशुतोष शुक्ला के कंधों में पर है।
जानकारी के मुताबिक कटनी में कांग्रेस में रहकर स्वच्छ एवं साफ छवि की राजनीति करने वाले दिव्यांशु अंशु मिश्रा एवं समाज सेवा के रूप में लंबे समय से काम करने वाले आशुतोष मनु दीक्षित की छवि को समाज के सामने धूमिल किए जाने जैसे कृत्य yashbharat.com में बेबुनियाद खबर लगाकर प्रसारित किया गया था। जिसके बाद क्षेत्रीय से लेकर प्रदेश स्तर तक में चर्चाओं का दौर चलता रहा। इस खबर से दोनों व्यक्ति की छवि धूमिल होने से मानसिक एवं सामाजिक स्तर का दंश झेलना पड़ा जो कानूनी रूप से मानहानि की श्रेणी में आती है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेता दिव्यांशु अंशु मिश्रा एवं समाज सेवक आशुतोष मनु दीक्षित की तरफ से उनके अधिवक्ता विष्णु बाजपेयी ने एक लीगल नोटिस तीन लोगों को भेजा।
अधिवक्ता विष्णु बाजपेयी ने बताया कि विगत दिनों विधायक संजय पाठक द्वारा संचालित न्यूज पोर्टल लिंक yashbharat.com पर उनके पूर्व सहयोगी और उनके बीच चल रहे विवाद पर माननीय सुप्रीम कोर्ट से संबंधित एक खबर पर स्वच्छ एवं बेदाग छवि के युवा समाजसेवी एवं विसलब्लोअर "आशुतोष मनु दीक्षित एवं दिव्यांशु अंशु मिश्रा" की छवि खराब करने एवं सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के उद्देश्य से खबर में उनका नाम जोड़ने पर पर दिव्यांशु मिश्रा अंशु की ओर से विधायक संजय पाठक को 25 लाख रुपये का एवं न्यूज पोर्टल yashbharat.com के "स्थानीय संपादक आशुतोष शुक्ला" एवं "संजय पाठक" के कर्मचारी "सचिन तिवारी" को पाँच-पाँच लाख रुपये की मानहानि एवं बिना शर्त माफ़ी मांगने को लेकर मानहानि का लीगल नोटिस भेजा गया है
दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने सम्पूर्ण तथ्यो, स्क्रीनशॉट्स के साथ पुलिस अधीक्षक कटनी से भी शिकायत की है। अधिवक्ता विष्णु बाजपेयी ने बताया कि अगर उक्त प्रकरण में ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है तो मजबूरन हमें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।


