कटनी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नामांतरण के एक मामले में 80 दिनों से अधिक की देरी करने पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने बिलहरी के नायब तहसीलदार इसरार खान से स्पष्टीकरण मांगा है और बिलहरी के हल्का पटवारी सचिन श्रीवास्तव को 'कारण बताओ सूचना पत्र' जारी किया है।
यह है पूरा मामला
बीते मंगलवार 27 जनवरी को रीठी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आवेदक सुनील कुमार ने कलेक्टर श्री तिवारी को अपनी शिकायत में बताया कि अपनी खरीदी गई भूमि के नामांतरण के लिए उन्होंने 19 सितंबर 2025 को लोक सेवा गारंटी के तहत आवेदन किया था। इस आवेदन के निराकरण की अंतिम समय-सीमा 5 नवंबर 2025 तय थी, लेकिन अभी तक भी नामांतरण नहीं हुआ।
इसके बाद कलेक्टर श्री तिवारी ने नायब तहसीलदार श्री इसरार खान को स्पष्टीकरण जारी करते हुये कहा कि आपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन और शासन की प्रकिया का पालन न करते हुये निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के उपरांत भी 80 दिनों से बिना युक्तियुक्त कारण के आवेदन को लंबित रखा, जो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के विपरीत है, क्यों न अधिनियम में प्रावधानित शास्ति धारा-7 के अधीन सेवा प्रदाय करने में विलंब हेतु आप के विरूद्ध शास्ति अधिरोपित की जावे, तथा धारा-7 की उपकंडिका 4 के अनुसार अधिनियम के अधीन पदाभिहीत अधिकारी को सौपें गये कर्तव्यों का पालन करने में असफल रहने पर यथास्थिति उस पर लागू सेवा नियमों के अधीन सिफारिश किया जावे। कलेक्टर ने आवेदन को लंबित रखे जाने के संबंध में पालन प्रतिवेदन 7 दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिेये हैं।
इसी प्रकार कलेक्टर श्री तिवारी ने पटवारी सचिन श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये जारी कारण बताओ नोटिस में कहा है कि आपका यह कृत्य संदर्भित पत्र एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के जारी परिपत्र के दिशा निर्देशों की अवहेलना तथा पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता, एवं शासन के कार्यों के प्रति लापरवाही परिलक्षित करता है, जो लोकसेवक पद के अपेक्षित आचरण के विपरीत होकर म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन है। इस हेतु क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावे। उक्त के संबंध में 7 दिवस में अपना जवाब प्रस्तुत करें, नियत अवधि में प्राप्त जवाब संतोषप्रद न होने की दशा में आपके विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी।


