कटनी। साइबर ठगी के मामले में कुठला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में राजस्थान और मध्य प्रदेश से जुड़े आरोपियों की भूमिका सामने आई है। इससे पहले पुलिस इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामला कटनी के कछंगवा निवासी अंकित राय के बैंक खाते से 1 लाख 88 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसके भारतीय स्टेट बैंक की मुड़वारा शाखा के खाते से यूपीआई के जरिए दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 90 हजार और 98 हजार रुपये बिना जानकारी और सहमति के दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे।
शिकायत के आधार पर कुठला थाने में अपराध क्रमांक 425/26 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की।
जांच के दौरान राजस्थान के कुलदीप सिंह सोलंकी और शुभम मीणा उर्फ सानू को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के बूंदी जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध किशोर को अभिरक्षा में लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल और ब्लैंक चेक जब्त किया गया। किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर उसे जबलपुर स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया।
इसके अलावा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के निवासी और वर्तमान में जावरा में रहने वाले विशाल प्रजापति को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। वहीं, विशाल प्रजापति को भी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। इसमें प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, आरक्षक पुष्पेंद्र त्रिपाठी, विवेक शुक्ला, साइबर सेल कटनी और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क को लेकर जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है।
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| रवि कुमार गुप्ता, संपादक, जन आवाज |



