कटनी। कटनी में कल होने वाले माइनिंग कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने से पहले युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने उनसे मिलने के लिए एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने दावा किया है कि वे ऐसे दस्तावेज और तथ्य सौंपना चाहते हैं, जिनसे सरकार को करीब 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।
पत्र में क्या है?
अंशु मिश्रा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विधायक संजय पाठक से जुड़ी तीन कंपनियाँ—आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, निर्मला मिनरल्स और पैसिफिक एक्सपोर्ट—ने जबलपुर जिले में नियमों का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर खनन किया है। पत्र के अनुसार, विधानसभा में दिए गए एक जवाब के मुताबिक, इन कंपनियों से 443.04 करोड़ रुपये की बकाया राशि (जीएसटी सहित) वसूली जानी है।
मिश्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद यह राशि 31 दिसंबर 2017 तक जमा नहीं की गई। उनका दावा है कि मूल बकाया राशि, उस पर लगने वाला जीएसटी, और 1 जनवरी 2018 से लेकर अब तक का कंपाउंडिंग इंटरेस्ट जोड़ने पर यह राशि बढ़कर लगभग 2000 करोड़ रुपये हो जाएगी।अन्य आरोप और मांग
पत्र में कटनी और उमरिया जिले में रेत के अवैध खनन का भी जिक्र है। अंशु मिश्रा ने बताया कि उनके पास इस मामले से जुड़े कई प्रमाणित सबूत और पेन ड्राइव में जानकारी उपलब्ध है, जिसे वे मुख्यमंत्री को सौंपना चाहते हैं।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है, ताकि वह अपने साथ माइनिंग विशेषज्ञों की एक टीम के साथ मिलकर पूरा प्रकरण समझा सकें। उनका कहना है कि यदि यह राशि वसूल की जाती है, तो राज्य के खजाने को मजबूती मिलेगी और 'विकसित मध्य प्रदेश' का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।