कटनी। जिले कटनी में वर्तमान सरकार एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा हमारे जिले के साथ धोखाधड़ी करते हुए निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है, जिसके तहत हमारे शासकीय मेडिकल कॉलेज की जगह पीपीपी तरीके से मेडिकल कॉलेज खोला जा रहा है। पी पी पी मॉडल का मतलब है प्राइवेट पब्लिक पार्टीशिपेशन जो की जनता के साथ छलावा है। इस मॉडल में सरकारी जिला चिकित्सालय को मय जमीन और चिकित्सा यंत्रों को निजी पूंजी पतियों को सौंप दिया जाएगा। और जनता के शोषण के लिए है एवं जनता को लूटने का रास्ता खुल जाएगा।
हमारे जिला चिकित्सालय को निजी हाथों में सौंप कर प्राइवेट अस्पताल के रूप में बनाने की साजिश की जा रही है, जिससे जनता को मिलने वाला मुफ्त इलाज बंद हो जाएगा तथा इलाज करने के लिए भारी भरकम कीमत चुकानी पड़ेगी। जिससे गरीब एवं मध्यम वर्गीय आम जनता बिना इलाज मरने को विवस होगी। करोना काल का उदाहरण आपके सामने है। आप ही बताएं ऐसे निजी अस्पताल का क्या फायदा? विचार कीजिए कि आपके घर, परिवार का कोई सदस्य आपके बूढ़े पिता-माता भाई, बहन या बच्चे अगर बीमार हो जाते हैं तो उसका इलाज आप कहां कराएंगे। अगर आप इन प्राइवेट चिकित्सा माफिया के चंगुल में फंस गए तो आपको अपनी जमीन, मकान, दुकान बेचकर कीमत चुकानी पड़ेगी। अगर अभी नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी। आने वाला समय बहुत विकराल होगा। इसलिए इस शोषण से बचने के लिए आपको जागना होगा। इस लूट से बचने के लिए आपको आवाज उठानी होगी। इस धोखेबाजी के खिलाफ आपको संघर्ष करना होगा।
आपको बता दें कि कटनी विधायक ने तो स्वतः विधानसभा में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग की थी। अब बेचारे दलीय अनुशासन में चुप हैं।
जिला जन अधिकार मंच जो कि जिले की सामाजिक संस्था है के विगत कई वर्षों से आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन चलाए जा रहे हैं। जिसमें आप सभी को आंदोलन में सहयोग देना होगा ताकि हम और आप आम जनता को न्याय मिल सके।
इसी कड़ी में जिला जन अधिकार मंच के तत्वाधान में 17 जनवरी को कटनी नगर में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने एवं शासकीय जिला चिकित्सालय को बचाने के लिए काला झन्डे लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही 19 जनवरी को मशाल जुलूस एवं 20 जनवरी दिन मंगलवार को कटनी बंद किया जायेगा। जिसमें सभी जिले वासियों, व्यापारी भाइयों, छात्रों, किसानों, मजदूरों एवं तमाम सामाजिक संगठनों से सहभागिता की अपील की जाती है।
जिला जन अधिकार मंच ने अपील की है कि हमें शांतिपूर्ण तरीके से, गांधी वादी रास्ते से बंद करना है। शासन या प्रशासन के उकसावे में नहीं आना है।
पीपीपी विरोधी
जिला जन अधिकार मंच कटनी


