कटनी। शहर की बहुचर्चित लाल पहाड़ी को खनिज माफिया इस कदर नोचने खाने में लगे हैं। जैसे कोई भूखा दरिंदा अपनी हवस मिटाने के लिए किसी भी हद से गुजर ने को आतुर रहता है। लाल पहाड़ी को नोचने खाने वालों को खनिज विभाग ने खुली छूट दे रखी है। आपको बता दें कि शहर के बीचों बीच थाना माधव नगर अंतर्गत करीब 300 एकड़ में फैली लाल पहाड़ी जिसमें बॉक्साइट से लेकर लेटराइट जैसी बेशकीमती खनिज संपदा भारी मात्रा में थी, लेकिन खनिज विभाग की मिली भगत से आज लाल पहाड़ी का अस्तित्व खनिज माफियाओं ने लगभग खत्म होने की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। आपको बताते चलें कि बरगवां समीप भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के पीछे से लेकर जहां-जहां खनिज माफियाओं को मौका मिलता है खोदना शुरू कर देते है। आप देख सकते हैं इस गहरे गड्ढे को जहां से खुदाई करके चोरों ने खनिज संपदा को एक जगह इकठ्ठा करके रखा हुआ है।
दिन के उजाले में खनिज चोर गरीब महिला लेबरों के द्वारा कुछ ज्यादा पैसों का लालच देकर खुदाई का काम करवा रहे हैं। और मटेरियल इकठ्ठा होने के बाद चोरों की तरह काली रात में ट्रेक्टर ट्राली के माध्यम से परिवहन किया जाने लगता है। हमारे सूत्र बताते हैं कि हर रोज दिन में यहां खुदाई करके रात होते ही परिवहन का खेला होना शुरू हो जाता है। हर रोज करीब 10 से 15 ट्राली बॉक्साइट एवं लेटराइट की चोरों द्वारा चोरी की जाती है। जब इस पूरे मामले में जन आवाज की टीम ने खनिज विभाग के उप संचालक डॉक्टर आर के दीक्षित से चर्चा के लिए उनके कार्यालय पहुंची तो उनके भोपाल में होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे मजेदार बात ये निकल कर आई कि जब इसी विषय में अनऑफिशियल तरीके से एक खनिज निरीक्षक से चर्चा की गई तो उन्होंने माफियाओं द्वारा इस कृत्य को करना स्वीकार किया। लेकिन जब कार्रवाई की बात आई तो खनिज निरीक्षक विधवा विलाप करने लगे।
उनकी बातें सुनकर एक बात तो साफ हो गई कि खनिज विभाग और माफिया सौतेले नहीं बल्कि एक दूसरे के सगे वाले हैं। खनिज विभाग का एक ही काम है तुम भी खाओ और हमको भी खिलाओ? बाकी जैसा चल रहा है चलता रहेगा। अब इस मामले में कार्रवाई के लिए सिर्फ जिला कलेक्टर से ही उम्मीद की जा सकती है।
![]() |
| रवि कुमार गुप्ता, संपादक ( जन आवाज ) |




