कटनी। सीवर लाइन की खुदाई में बेशकीमती धातु निकलने से लूटा मारी के हालात बने हुए हैं। आपको बता दें कि थाना रंगनाथ नगर क्षेत्र के मिशन चौक पुल के आगे सीवर लाइन का काम चल रहा है। यहां पर पोकलेन मशीन के द्वारा खुदाई का काम जोरो पर है। सीवर लाइन में करीब 10 से 15 फीट खुदाई के बाद भारी मात्रा में तांबा, कॉपर, सिल्वर जैसी और भी कीमती धातु निकल कर बाहर आ रही है।
सूत्रों की माने तो जमीन से निकलने वाली कोई भी बेशकीमती वस्तु पर सरकार का अधिकार होता है। बताया जाता है कि सीवर लाइन की खुदाई में बीएसएनएल द्वारा बिछाई गई केबिल निकल कर बाहर आ रही है। जिसके लिए बाकायदा रंगनाथ नगर पुलिस के जवानों को मौके पर तैनात किया गया है। आपको बता दें कि कुछ पेशेवर उठाई गिरी लुटेरों की गैंग गरीब तबके की महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चों को ढाल बना कर केबिल की लूट करा रहे है।
सबसे बड़ी बात ये है कि 15 से 20 फीट खुदाई के बड़े गड्ढे में उतर कर औजार (आरी ) से खुले आम पुलिस की मौजूदगी में केबिल काट रहे हैं। जब इस मामले की जानकारी पत्रकारों को लगी और मौका-ए वारदात पर जब कवरेज करने पहुंचे तो वहां पर मौजूद पुलिस के जवान पहले तो पत्रकारों से नजर चुरा कर फुर्र हो गए। चील की नजर से बचना आसान है, लेकिन मीडिया से बचना आसान ही नहीं नामुमकिन है। जब पत्रकारों ने अपनी नजरे घुमाई तो दो पुलिस के जवान पान टपरे में तफरी करते हुए नजर आए। पूछने पर सफाई देने लगे, एक ने कहा मैं तो ड्राइवर हूं, दूसरे ने कहा मैं तो वारेंट तामील वाला हूं। थोड़ी देर बाद रंगनाथ नगर थाना की गाड़ी आई और पुलिस वाले मौका से मिस्टर इंडिया बन फुर्र हो गये।
सबसे ज्यादा और चिंता का विषय ये है कि महिलाएं और छोटे - छोटे बच्चे चलती हुई पोकलेन मशीन के इर्द-गिर्द घूमने लगते हैं केबिल की लालच में, ताकि केबिल को बेचकर अपना कुछ जुगाड कर सके। चंद पैसों की लालच देकर चोरों का एक सरगना महिलाओं और बच्चों को आगे करके उनकी जान जोखिम में डाल केबिल की लूट करा रहा है। इतना ही नहीं इस लूट कांड में बाकायदा पोकलेन मशीन का ऑपरेटर और ठेकेदार की मिलीभगत से बड़ी मात्रा में निकलने वाली धातु केबिल को छोटा हाथी वाहन में भर कर ठिकाने लगाया जा रहा है जिसे बेच कर लाखों का वारा न्यारा हो रहा है,?
लेकिन इस जोखिम भरे काम में महिलाएं और छोटे - छोटे लुटेरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। सबसे बड़ी बात ये है कि जब इस पूरे मामले में नगर पुलिस अधीक्षक और थाना रंगनाथ नगर के प्रभारी से चर्चा की गई तो थाना प्रभारी फोन पर और नगर पुलिस अधीक्षक ऑफ रिकॉर्ड गैर जिम्मेदाराना गोल - मोल जवाब देकर बचते हुए नजर आए.?
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| रवि कुमार गुप्ता : संपादक ( जन आवाज ) |





