सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले की एक अदालत का फैसला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। महज दो पैकेट कुरकुरे चोरी करने के मामले में 24 वर्षीय युवक को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक बहस छिड़ गई है। हालांकि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सजा केवल दो पैकेट कुरकुरे की चोरी के कारण नहीं, बल्कि आरोपी के आदतन अपराधी होने और उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को सतना जिले के एक किराना दुकान से आरोपी अवध प्रजापति (24) ने दो पैकेट कुरकुरे चोरी कर लिए थे। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
इन धाराओं में ठहराया दोषी
सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को धारा 379, 380 और 411 के तहत दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज चोरी के मामलों और उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे आदतन अपराधी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत की सख्त टिप्पणी
फैसला सुनाते हुए प्रथम श्रेणी न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि "समाज में छोटी चोरी भी बड़े अपराधों को जन्म देती है। आरोपी में सुधार की कोई संभावना दिखाई नहीं देती।" अदालत ने यह भी माना कि आरोपी की यह पहली चोरी नहीं थी।
परिवार ने लगाई थी दया की गुहार
सुनवाई के दौरान आरोपी की मां ने अदालत से बेटे को माफ करने की अपील करते हुए कहा कि उसका बेटा भूख के कारण चोरी करता था। लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
फैसले पर छिड़ी बहस
फैसले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इतने छोटे मूल्य की चोरी के मामले में उम्रकैद की सजा को लेकर कानूनी पहलुओं पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
नोट: यह खबर उपलब्ध समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले से जुड़े तथ्य और धाराएं अखबार में प्रकाशित विवरण के अनुसार शामिल किए गए हैं।


