कटनी। तमिलनाडु के राजनेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म के विरुद्ध दिए गए विवादास्पद बयान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कटनी के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) कटनी को एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपकर FIR दर्ज करने की मांग की है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
विधायक संजय पाठक ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि उदयनिधि स्टालिन द्वारा 12 मई को सार्वजनिक रूप से "सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए" जैसा भड़काऊ और असंवैधानिक बयान दिया गया है। उन्होंने पत्र में यह भी बताया कि:
पूर्व में भी स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना "डेंगू" और "मलेरिया" जैसी बीमारियों से की थी।
ऐसे बयान प्राचीन संस्कृति और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा आघात हैं।
एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली और निंदनीय है।
कठोर कार्रवाई की मांग
संजय पाठक ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए। उन्होंने सुझाव दिया है कि सार्वजनिक भाषणों, वीडियो क्लिप और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर साक्ष्य जुटाए जाएं ताकि उचित दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
पार्षदों ने भी जताया विरोध
विधायक द्वारा सौंपे गए इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी रंगनाथ नगर को भी प्रेषित की गई है। इस दौरान नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक और शशिकांत तिवारी, राजू शर्मा, अलका जैसे कई पार्षदों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए इस कार्रवाई का समर्थन किया है।
विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक का कहना है:
"मैं स्वयं एक आस्थावान सनातनी हूँ। इस प्रकार के अपमानजनक वक्तव्य देश की एकता, अखंडता और सामाजिक शांति के लिए हानिकारक हैं। भविष्य में ऐसी टिप्पणियों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।"
इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।




