लू से बचाव के लिए खूब पानी पिएं,खाली पेट न रहें,पूरी बांह के कपड़े पहनें, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें,धूप में नंगे पाँव न चलें
ओआरएस का घोल,नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस, कच्चे आम का रस लाभदायक
कटनी। मौसम विभाग द्वारा जिले में बढ़ते हुये तापमान के मद्देनजर भीषण लू की संभावना व्यक्त किया है। लोगों के स्वास्थ्य हित को देखते हुये गर्मी के प्रकोप से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवायजरी जारी की गई है।
वरिष्ठ चिकित्सक एवं ढीमरखेड़ा के बीएमओ डॉ बीके प्रसाद ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में लू लगने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वृद्ध, बच्चे, खिलाड़ी, धूप में काम करने वाले श्रमिक सर्वाधिक खतरे में रहते हैं। पसीना न आना, गर्म-लाल एवं शुष्क त्वचा, मतली, सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, उल्टियां होना, बेहोश हो जाना एवं पुतलियां छोटी हो जाना लू (तापघात) के प्रमुख लक्षण एवं संकेत हैं।
लोगों से आग्रह किया गया है कि गर्मी व लू से बचाव के लिए खूब पानी पिएं व खाली पेट न रहें, शराब व कैफीन के सेवन से बचें, ठण्डे पानी से नहाएं, सर ढ़कें व हल्के रंग के ढीले व पूरी बांह के कपड़े पहनें, बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें, दिन में दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच यथा संभव बाहर जाने से बचें, धूप में नंगे पाँव न चलें, बहुत अधिक भारी कार्य न करें।
बाहर निकलना आवश्यक हो तो छतरी व धूप के चश्मे का उपयोग करें, धूप में निकलने से पहले कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पिए, बुखार व लू लगने पर निकट के अस्पताल में संपर्क कर आवश्यक दवा का उपयोग सुनिश्चित करें। यात्रा के समय पानी की बोतल अवश्य साथ रखें। ओआरएस का घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, फलों का रस, कच्चे आम का रस इत्यादि का सेवन लाभदायक है, इनका प्रयोग करें।


