कटनी। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में शनिवार को कचहरी चौराहे पर युवक कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब भारी पुलिस मौजूदगी के बावजूद चुनाव आयोग का पुतला धू-धू कर जलता रहा और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चौराहे पर पहले से तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास तो किया, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रोश के आगे उनकी कोशिशें बेअसर नजर आईं। देखते ही देखते चुनाव आयोग का पुतला आग के हवाले कर दिया गया और पुलिस सिर्फ हालात पर नजर रखती दिखाई दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुतला दहन के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि तब तक प्रदर्शनकारी अपना संदेश दे चुके थे और पुतला पूरी तरह जल चुका था।
युवक कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पुलिस का पूरा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित रहा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए कि जब पुतला दहन की आशंका पहले से थी, तो पुलिस उसे रोकने में आखिर क्यों नाकाम रही?
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| रवि कुमार गुप्ता, संपादक (जन आवाज ) |



