हैरानी की बात यह है कि बाजार में इस कथित अनैतिक कारोबार की सुगबुगाहट इतनी तेज है, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है।
बाहर रेस्टोरेंट, अंदर 'कुछ और'... चर्चाएं गर्म
स्थानीय नागरिकों द्वारा दबी जुबान में किए जा रहे दावों के अनुसार, उक्त परिसर में कथित रूप से ऐसी संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जो सामाजिक ताने-बाने पर गहरा आघात कर रही हैं। चर्चा है कि रेस्टोरेंट की आड़ में युवाओं को अनैतिक गतिविधियों के लिए 'सुरक्षित जगह' मुहैया कराई जा रही है। कुछ जागरूक नागरिकों का तो यहाँ तक कहना है कि "बाहर सिर्फ रेस्टोरेंट का बोर्ड टंगा है, अंदर का सच कुछ और ही है।"
तीसरी आंख खोल सकती है राज: सीसीटीवी खंगालते ही सामने आ जाएगा सच
क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और जानकारों का साफ कहना है कि इस पूरे मामले का पटाक्षेप करना प्रशासन के लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। यदि पुलिस और प्रशासनिक टीम ईमानदारी से सिर्फ संबंधित रेस्टोरेंट के अंदर लगे कैमरों और उसके आस-पास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर ले, तो पूरी गड़बड़ी का खुलासा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। रेस्टोरेंट के भीतर असमय होने वाली संदिग्ध आवाजाही और वहाँ आने-जाने वाले चेहरों का रिकॉर्ड ही इस कथित काले कारोबार की पोल खोलने के लिए काफी है।
जिम्मेदारो की 'रहस्यमयी' चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में इस रेस्टोरेंट को लेकर लंबे समय से तरह-तरह की चर्चाएं तैर रही हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन या पुलिस की तरफ से इस परिसर पर किसी भी तरह की सुगबुगाहट या औचक निरीक्षण देखने को नहीं मिला है। जनता के बीच यह सवाल तेजी से सुलग रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बात का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी बड़ी घटना के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी?
नोट - यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो अगली खबर में हम करेंगे जगाने का काम सबूतों के साथ, और बेनकाब हो जायेगा रेस्टोरेंट का मालिक।


