कटनी। जिले में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) की स्थापना की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि इस विषय में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और संबंधित विभाग तय समय सीमा में अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखें।
यह जनहित याचिका कटनी के समाजसेवी दिव्यांशु (अंशु) मिश्रा द्वारा अधिवक्ता योगेश सोनी एवं आर्यन उरमलिया के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि कटनी मध्यप्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक, खनिज एवं व्यापारिक जिला होने के साथ-साथ देश का महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन भी है, लेकिन जिले में आज तक पासपोर्ट सेवा केंद्र अथवा पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं किया गया है।
पासपोर्ट बनवाने के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता
याचिका में उल्लेख किया गया है कि पासपोर्ट संबंधी सेवाओं के लिए कटनी जिले के नागरिकों को जबलपुर, सतना अथवा अन्य जिलों की यात्रा करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत आती है तथा आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
छात्रों, युवाओं और महिलाओं को हो रही परेशानी
याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि पासपोर्ट सेवा केंद्र के अभाव का सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं, विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्हें दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए बार-बार दूसरे शहरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सांसद भी उठा चुके हैं मांग
याचिका में यह तथ्य भी रखा गया कि कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए पूर्व में केंद्र सरकार को विस्तृत अभ्यावेदन भेजे जा चुके हैं। क्षेत्रीय सांसद द्वारा भी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर यह मांग उठाई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को अंतिम अवसर देते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई केंद्र सरकार के जवाब के बाद होगी।
याचिकाकर्ता दिव्यांशु मिश्रा अंशु का कहना है कि तेजी से विकसित हो रहे कटनी जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना समय की मांग है। इससे जिले के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
फिलहाल अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के जवाब और हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे कटनी में पासपोर्ट सेवा केंद्र की स्थापना का रास्ता साफ हो सकता है।



