कटनी/कोलकाता। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनी में लगभग 1000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में गिरफ्तार खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने कोलकाता पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए महेंद्र गोयनका की पुलिस रिमांड चार दिन के लिए और बढ़ा दी है।
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाना बाकी है। इसी आधार पर रिमांड बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
यह मामला विजयराघवगढ़ के भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, कंपनी के रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़ा, जाली दस्तावेजों और वित्तीय अनियमितताओं के जरिए कंपनी के नियंत्रण और संपत्तियों पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इन आरोपों के आधार पर कोलकाता में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
महेंद्र गोयनका को हाल ही में दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से कोलकाता पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है। अब बढ़ी हुई रिमांड के दौरान जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।
बताया जा रहा है कि इस मामले में कुछ अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में हैं और कुछ की गिरफ्तारी अभी बाकी है। जांच एजेंसी का दावा है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि अभी यह मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। महेंद्र गोयनका पर लगे आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और उनका अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
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| रवि कुमार गुप्ता, संपादक |



