ग्रामीणों का दावा—पोकलेन मशीन पकड़ी गई, लेकिन 'एक फोन' के बाद बीच रास्ते में छोड़ दी गई; प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
कटनी। जिले के कन्हवारा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि शंकर तालाब में बहुमूल्य आयरन ओर का लंबे समय से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। आरोप है कि खनन माफिया खुलेआम मशीनों से खनन कर रहा है और जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शंकर तालाब में पोकलेन मशीन से कथित रूप से अवैध उत्खनन किया जा रहा था। कई बार 112 हेल्पलाइन पर सूचना देने के बाद पुलिस पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और पोकलेन मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। मशीन को ट्रॉले में लादकर थाने ले जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि रास्ते में किसी प्रभावशाली व्यक्ति और एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का फोन आने के बाद पूरी कार्रवाई का रुख बदल गया। ग्रामीणों का दावा है कि लमतरा ब्रिज के पास पहुंचने के बाद कथित तौर पर जब्त की गई पोकलेन मशीन को छोड़ दिया गया। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं बल्कि कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह वही कन्हवारा क्षेत्र है, जहां कुछ महीने पहले अवैध खनन की शिकायत करने वाले ग्रामीणों के साथ मारपीट और जानलेवा हमले की घटना भी सामने आई थी। उस घटना के बाद उम्मीद जताई गई थी कि अवैध खनन पर सख्ती होगी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि हालात फिर पहले जैसे होते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है और शिकायत करने वाले ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई के बाद भी मशीनें छूट जाती हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे लगेगी?
अब निगाहें जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग पर हैं। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यह स्पष्ट किया जाए कि पोकलेन मशीन जब्त हुई थी या नहीं, यदि हुई थी तो उसे किस आधार पर छोड़ा गया, और यदि ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो प्रशासन सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे।


