कटनी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शासन द्वारा अप्रैल 2026 में चतुर्थ क्रमोन्नत (समयमान वेतनमान) के आदेश जारी किए जाने के बावजूद कटनी जिले में अब तक पात्र शिक्षकों की सूची जारी नहीं हो सकी है। इससे 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अनेक शिक्षक आर्थिक लाभ से वंचित हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि इस संबंध में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने कई बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को लिखित एवं मौखिक रूप से ज्ञापन और अनुरोध दिए, लेकिन हर बार केवल जल्द सूची जारी करने का आश्वासन मिला। चार महीने बीत जाने के बाद भी सूची जारी नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के प्रांतीय प्रवक्ता मार्तण्ड सिंह राजपूत और समग्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने इस मामले को शिक्षकों के साथ आर्थिक अन्याय बताते हुए गहरा असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल और सीएम हेल्पलाइन तक ले जाकर शिकायतें दर्ज कराने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि लंबित प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए प्रभार परिवर्तन के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि अब एस.एन. पाण्डेय के जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद शिक्षकों को उम्मीद थी कि लंबित मामलों का जल्द निराकरण होगा, लेकिन अब तक चौथी क्रमोन्नति की सूची जारी नहीं होने से निराशा बढ़ी है।
शिक्षकों का कहना है कि शासन द्वारा स्वीकृत लाभ समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका आग्रह है कि जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन शीघ्र पात्र शिक्षकों की सूची जारी कर उन्हें चौथी क्रमोन्नति का लाभ दिलाएं।
(नोट: यह समाचार शिक्षक संगठनों और शिक्षक प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उनके बयानों पर आधारित है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)


