कटनी। बड़वारा क्षेत्र में ₹1 और ₹2 के सिक्के स्वीकार नहीं करने वाले दुकानदारों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के बाद तहसीलदार के निर्देश पर रविवार को बड़वारा क्षेत्र में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराकर दुकानदारों को वैध भारतीय मुद्रा स्वीकार करने की हिदायत दी गई।
मुनादी के दौरान लोगों को बताया गया कि ₹1 और ₹2 के सिक्के प्रचलन से बाहर नहीं हुए हैं। ऐसे में ग्राहकों से इन सिक्कों को लेने से मनमाना इनकार करने की शिकायत सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
ज्ञापन के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
बताया गया कि क्षेत्र में लंबे समय से ₹1 और ₹2 के सिक्कों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें चल रही थीं। कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा सिक्के स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इससे खासकर मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इसी समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी ने स्थानीय नागरिकों एवं अपनी टीम के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में सिक्कों को लेकर लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने, व्यापारियों को आवश्यक निर्देश देने और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की मांग की गई थी।
मुनादी कर दुकानदारों को दी गई चेतावनी
ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार के निर्देश पर क्षेत्र में सार्वजनिक मुनादी कराई गई। इसके जरिए दुकानदारों और आम लोगों को सिक्कों को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई तथा वैध मुद्रा को स्वीकार करने की बात कही गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद है। वहीं, सिक्के स्वीकार नहीं करने वाले दुकानदारों के खिलाफ शिकायत मिलने पर प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि ₹1 और ₹2 के सिक्कों को बंद किए जाने जैसी अफवाहों पर भरोसा न करें। यदि किसी दुकानदार द्वारा वैध मुद्रा स्वीकार करने से इनकार किया जाता है, तो संबंधित विभाग को शिकायत की जा सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ता जय सूर्यवंशी ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि आम नागरिकों को अपनी वैध मुद्रा के इस्तेमाल में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिक्कों को लेकर भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, किसी दुकानदार के खिलाफ FIR दर्ज होने की कार्रवाई शिकायत, जांच और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही होगी।


