गुजरात। सूरत से सामने आई एक ऐसी खबर, जिसने ऑनलाइन या रेस्टोरेंट से खाना मंगाने की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूरत के वराछा इलाके में 15 अगस्त की शाम एक परिवार ने शीतल रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था। परिवार के मुताबिक, खाने में काजू-पनीर समेत अन्य व्यंजन शामिल थे। खाना खाने के बाद परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी।
अगली सुबह परिवार के कुछ सदस्यों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत हुई। शुरुआत में स्थानीय क्लिनिक में इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के सभी प्रभावित सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया।
इलाज के दौरान करीब पांच साल की बच्ची आर्या की मौत हो गई। परिवार के बाकी चार सदस्यों का अस्पताल में इलाज किया गया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। हालांकि, बच्ची की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम ने रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कुछ खाद्य सामग्री खराब और संदिग्ध हालत में मिली, जिसके बाद रेस्टोरेंट को बंद करा दिया गया और खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
वहीं, गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सूरत में कई होटल और रेस्टोरेंट की जांच भी शुरू की गई।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—
आखिर उस खाने में ऐसा क्या था, जिसने एक ही परिवार के पांच लोगों को बीमार कर दिया और एक मासूम बच्ची की जान चली गई?
क्या खाना वास्तव में दूषित था?
क्या रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं हो रहा था?
या फिर बच्ची की मौत की कोई दूसरी वजह थी?
इन सभी सवालों का जवाब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि बाहर से खाना मंगाते समय उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी बरतना जरूरी है।


