दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ की कानूनी लड़ाई ने पकड़ा जोर, यशभारत डॉट कॉम पर प्रकाशित कथित भ्रामक खबर को लेकर दायर है आपराधिक मानहानि परिवाद
कटनी/जबलपुर। यशभारत डॉट कॉम पर प्रकाशित कथित भ्रामक और झूठी खबर को लेकर शुरू हुई कानूनी लड़ाई अब न्यायालय तक पहुंच गई है। समाजसेवी एवं युवा नेता दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ द्वारा दायर आपराधिक मानहानि परिवाद में एमपी-एमएलए कोर्ट, जबलपुर ने संजय पाठक और सचिन तिवारी को नोटिस जारी करते हुए 3 नवंबर 2026 तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध यशभारत डॉट कॉम न्यूज़ पोर्टल पर जानबूझकर असत्य और भ्रामक समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित किया गया। उनका दावा है कि इस समाचार के जरिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
परिवादी के अनुसार, उन्होंने इस मामले में संजय पाठक और सचिन तिवारी को कानूनी नोटिस भेजकर जवाबदेही तय करने की पहल की थी। साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन के समक्ष भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज करने और कार्रवाई करने की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किए थे।
दिव्यांशु मिश्रा का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की ओर से उनके आवेदनों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपी-एमएलए कोर्ट, जबलपुर में आपराधिक मानहानि का परिवाद दायर किया।
गवाहों के बयान दर्ज, अब जवाब पर टिकी निगाहें
परिवाद पर सुनवाई के दौरान दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ और उनके गवाह शशांक गुप्ता तथा अजय कुशवाहा के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद न्यायालय ने संजय पाठक और सचिन तिवारी को नोटिस जारी किया है।
न्यायालय के इस कदम के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब 3 नवंबर 2026 तक दोनों अनावेदकों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब और इसके बाद होने वाली न्यायिक कार्यवाही पर निगाहें रहेंगी।
प्रतिष्ठा की लड़ाई अब अदालत में
दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ द्वारा उठाया गया यह मामला अब केवल एक समाचार के प्रकाशन को लेकर लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कानूनी परिणति भी महत्वपूर्ण होगी।



