कटनी। दीपावली की असली खुशी अपनों के साथ खुशियां मनाने में ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लाने में भी है। इसी संदेश को साकार करते हुए विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन ने अपनी अनूठी पहल ‘मुस्कान की दिवाली’ के तहत कटनी की विभिन्न बस्तियों में पहुंचकर करीब 350 जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की।
वर्ष 2019 से लगातार संचालित इस सेवा अभियान के तहत इस वर्ष भी माली समाज एवं आसपास की बस्तियों के बच्चों को नए कपड़े, ताजे फल, नमकीन, बिस्किट सहित दैनिक जरूरत की सामग्री वितरित की गई। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान ने आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विख्यात समाजसेविका स्वाति पाठक उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से लगातार जरूरतमंद बच्चों के जीवन में खुशियां भरने का यह प्रयास बेहद प्रेरणादायक है। सच्चे अर्थों में दीपावली की खुशी वही है, जो दूसरों के चेहरों पर मुस्कान ला सके।
फाउंडेशन के अध्यक्ष अरजीत खरे, सचिव मयंक त्रिसोलिया, महामंत्री विप्रांशु पटेल एवं महामंत्री दशमीत सिंह के मार्गदर्शन और नेतृत्व में पूरे वितरण अभियान का सफल आयोजन किया गया।
इस सेवा कार्य में संस्था के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से अमन सुहाने, रोहित गट्टानी, अंशिका, भवानी कनौजिया, अंशू हरबोल, जय सोनी, सुशील तिवारी, अभिनव, आदर्श पटेल, अनुराग सोनी, प्रभात विश्वकर्मा, पलक जैन, रिया मंग्लानी, अभिनव तिवारी, उद्देश्य गुप्ता, अभय पांडे, संकल्प खरे, मनाली निषाद, जया थापा एवं रिचा मौजूद रहीं।
सभी सदस्यों ने बस्तियों में पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिताया और उनके बीच त्योहार की खुशियां बांटीं।
सेवा और संवेदना की मिसाल बनी ‘मुस्कान की दिवाली’
विद्यालोक वेलफेयर फाउंडेशन की यह पहल केवल उपहार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद बच्चों को भी त्योहार की खुशियों में बराबर का भागीदार बनाने का सार्थक प्रयास है। लगातार सात वर्षों से जारी यह अभियान समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दे रहा है।



