कटनी। जिले में अब किसी भी भवन या निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले श्रम विभाग को पूर्व सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है। श्रमिकों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रम विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है। नियमों का पालन नहीं करने वाले नियोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल और जुर्माने का प्रावधान भी है।
भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (रोजगार विनियमन एवं सेवा शर्त) अधिनियम, 1996 के तहत किसी भी निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित क्षेत्र के निरीक्षक को सूचना देना आवश्यक होगा। विभाग का कहना है कि यह प्रावधान निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा और उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बनाया गया है।
ऑनलाइन करना होगा पंजीयन
श्रम विभाग के 'श्रम सेवा पोर्टल' और मोबाइल एप के माध्यम से निर्माण स्थल का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। नियोजकों को निर्माण स्थल की लोकेशन, कार्य का विवरण, नियोजित श्रमिकों की संख्या तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। साथ ही निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षा अधिकारियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।
उल्लंघन पर जेल और जुर्माना
यदि कोई नियोजक निर्धारित सूचना दिए बिना निर्माण कार्य शुरू करता है, तो इसे अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन माह तक का कारावास, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। राज्य शासन ने सभी निर्माण एजेंसियों और विभागों को भी इन नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
'श्रम प्रहरी' बनकर दें सूचना
श्रम विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे 'श्रम प्रहरी' बनकर ऐसे निर्माण कार्यों की जानकारी दें, जहां विभाग को पूर्व सूचना दिए बिना निर्माण कराया जा रहा हो। इसके लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-8888 जारी की है, जिस पर कोई भी नागरिक शिकायत या सूचना दर्ज करा सकता है।


