कटनी। बरही पुलिस ने ग्राम पिपरिया कला में कार्रवाई करते हुए 70 वर्षीय गिरधारी लाल पटेल के पास से 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया।
लेकिन इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल अब भी जांच के घेरे में है।
पुलिस ने गांजा बरामद कर आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि जांच उस व्यक्ति तक पहुंचे जिसने आरोपी को गांजा उपलब्ध कराया था।
गांजा आया कहां से?
आखिर 2 किलो 258 ग्राम गांजा आरोपी के पास पहुंचा कैसे?
क्या आरोपी खुद गांजा लेकर आया था या किसी ने उसे सप्लाई किया था?
अगर गांजा किसी दूसरे व्यक्ति ने दिया था तो वह सप्लायर कौन है?
और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—आरोपी यह गांजा किसे देने जा रहा था?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है? क्या बरही या आसपास के इलाकों में गांजे की सप्लाई करने वाले लोगों की कोई चेन सक्रिय है?
सिर्फ गिरफ्तारी से खत्म नहीं होता मामला
नशीले पदार्थ के मामले में सिर्फ बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई खत्म नहीं होनी चाहिए। असली कार्रवाई तो तब मानी जाएगी जब पुलिस गांजे के स्रोत से लेकर संभावित खरीदार तक पूरी कड़ी का पता लगाए।
पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, संपर्कों और पैसों के लेन-देन से क्या कोई और नाम सामने आता है।
कहीं ऐसा तो नहीं कि एक छोटे आरोपी को पकड़कर पूरा नेटवर्क अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है?
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट के मामले भी शामिल बताए गए हैं।
अब देखना होगा कि बरही पुलिस इस मामले की जांच को सिर्फ 2.258 किलो गांजे की बरामदगी और एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित रखती है या फिर गांजे की सप्लाई लाइन और उसके पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचती है।
क्योंकि असली सवाल यह नहीं कि गांजा किसके पास मिला… असली सवाल यह है कि गांजा आया कहां से और जाना कहां था?


