कटनी। मध्यप्रदेश का कटनी जिला भू-माफिया से लेकर खनिज चोरों का सुरक्षित एवं संरक्षित अड्डा बना हुआ है। कटनी एक ऐसा शहर है जहां कथित राजनीति के साए में बड़े-बड़े महाघोटाले बाज पलते फलते हैं। ऐसे ही मामले में 2025 का खनिज से जुड़ा जिन्न 2026 में निकल कर बाहर आया तो सब हैरान रह गए। ये मामला खनिज संपदा से जुड़े होने के अलावा खुली गुंडागर्दी के साथ रंगदारी वसूलने से भी जुड़ा होने के कारण मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया।
जानकारी के मुताबिक माधवनगर थाना क्षेत्र से माइनिंग और खनिज कारोबार में कथित धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और खुली रंगदारी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे महाकौशल के माइनिंग कारोबार में हलचल मचा दी है। 'क्वांटम मिनरल्स' फर्म के साथ करीब 4 से 5 करोड़ रुपये की कथित जालसाजी और धोखाधड़ी के इस संगठित खेल में मुख्य सरगना बताए जा रहे आदिल अहमद और ओमप्रकाश पाठक समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ माधवनगर थाना पुलिस ने गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये लेने के बाद जब पीड़ित फर्म ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर खदान का संचालन ही रुकवा दिया गया।
एफआईआर के अनुसार टिकरिया मुड़वारा स्थित 12.679 हेक्टेयर की लेटेराइट एवं बॉक्साइट खदान को शुरू कराने, एनओसी (NOC) दिलाने और आईबीएम (IBM) की कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने के नाम पर 'इस्माईल एंड सन्स' के आदिल अहमद और उसके साथियों ने क्वांटम मिनरल्स से कई किश्तों में करोड़ों रुपये लिए। शिकायत के मुताबिक वर्ष 2025 में खदान शुरू होते ही आरोपियों की नीयत बदल गई। पहले नागपुर और बाद में कटनी में बैठकों के दौरान कथित रूप से 75 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम मांगी गई और कहा गया कि पैसा नहीं मिला तो खदान किसी दूसरे को बेच दी जाएगी।
शिकायत में आरोप है कि जब क्वांटम मिनरल्स ने कथित अवैध मांग मानने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने खनिज शाखा कटनी में झूठा शपथ पत्र और भ्रामक आवेदन प्रस्तुत कर विभाग को गुमराह किया। आरोप है कि उसी के आधार पर खदान का संचालन रुकवा दिया गया, जिससे क्वांटम मिनरल्स को 4 से 5 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरा उद्देश्य फर्म को आर्थिक रूप से तोड़कर 75 लाख रुपये देने के लिए मजबूर करना था।
एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को नागपुर और कटनी में कई बार बैठकों के लिए बुलाया, जहां लगातार आर्थिक दबाव बनाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान आदिल अहमद ने उसी खदान का सौदा गुपचुप तरीके से विक्ट्री मिनरल्स के संचालकों के साथ भी कर लिया और वहां से भी रकम हासिल की। यानी शिकायत के अनुसार एक ही खदान के नाम पर अलग-अलग पक्षों से आर्थिक लाभ लेने की साजिश रची गई।
माधवनगर थाना पुलिस ने क्वांटम मिनरल्स के प्रबंधक संजीव बोहरे की शिकायत पर अपराध क्रमांक 0624/2026 दर्ज किया है। मामले में आदिल अहमद, हुज्जू, ओमप्रकाश पाठक, नानू मिश्रा, अमन मिश्रा, अलाउद्दीन, सरफराज अहमद, शबनम अहमद और तनवीर खान को नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले की विवेचना कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक संतोष सिंह कर रहे हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेन-देन, कथित धन की लेयरिंग, खनिज विभाग में जमा किए गए शपथ पत्र, आवेदन और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। साथ ही उन सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है जिनके आधार पर खदान का संचालन प्रभावित हुआ। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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| रवि कुमार गुप्ता, संपादक ( जन आवाज ) |




