कटनी। थाने में बैठे थाना प्रभारी की क्या औकात है ये जानना है तो एक ही थाने में वर्षों से अंगद की तरह जमे आरक्षकों से बेहतर कोई नहीं बता सकता। जी हां बात थाना ढीमरखेड़ा की है जहां पर करीब 6 से लेकर 8 साल से जमे आरक्षकों की तैनाती किसी अन्य थाने या दूसरे जिलों में आज तक नहीं हुई।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक थाना ढीमरखेड़ा क्षेत्र में शराब, गांजा, रेत के अलावा कई तरह के अवैध कारोबार मुख्य रूप से थाने में लंबे अरसे से जमे थानेदार के खास तीन खाकी वर्दी धारी आरक्षक 608 पंकज सिंह, आरक्षक 10 जागेश्वर कुंजाम एवं आरक्षक 479 अजय के करकमलों से फल फूल रहा है। थानेदार की चमचागिरी कर खुश करने में इन तीनों आरक्षकों को मानो महारत हासिल है।
ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस के बलबूते फलने फूलने वाले अवैध कारोबार से माफियाओं की चांदी तो कट ही रही है, लेकिन पुलिस की भी बल्ले - बल्ले हो रही है। पुलिस की वर्दी के अंदर छिपे ये आरक्षक अवैध कारोबार की कमाई खा खाकर इनकी चमड़ी भी इतनी मोटी हो चुकी है कि इन्हें किसी बात शायद कोई फर्क ही नहीं पड़ता.?
ढीमरखेड़ा थाने में जितने भी थानेदार आते हैं ये आरक्षक भले ही पुलिस की वर्दी पहने हुए हैं लेकिन ये उनके खास आदमियों में शुमार रहते हुए तमाम माफियाओं से हाथ मिलाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देना ही इनका मकसद रहता है। ये पगार भले ही सरकार से जनता की सेवा करने की लेते हैं, लेकिन असलियत में ये पुलिस की वर्दी को कलंकित कर माफियाओं के चरण चुम्बन कर मेवा चबाने में लगे रहते हैं।
अब सवाल ये है कि आखिर पुलिस कप्तान हाल ही में लंबे समय से जमे पुलिस वालों के थोक के भाव इस थाने से उस थाने में अदला बदली किए थे। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि आखिर थाना ढीमरखेड़ा में बदनाम सुदा अंगद आरक्षकों पर तबादला किस नियम के तहत नहीं हुई। आखिर इन आरक्षकों पर पुलिस कप्तान की मेहरबानी क्यों बरस रही है.? आखिर पुलिस कप्तान की तबादला सूची से सालों से जमे इन तीन पुलिस वालों के नाम कैसे गायब हो गये। क्या ये आरक्षक इतने प्रभावशाली हैं कि पुलिस कप्तान इन आरक्षकों को इधर से उधर करने में परहेज कर गए। ऐसा क्यों, ये तो पुलिस कप्तान ही बेहतर बता सकते हैं। अब देखना होगा कि अवैध गतिविधियों को अंजाम दिलाने वाले आरक्षकों पर तबादला की गाज गिरेगी, या यूं ही क्षेत्र में अशांति का माहौल बना रहेगा.?
![]() |
| रवि कुमार गुप्ता, संपादक ( जन आवाज ) |



