कटनी। ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित और निर्बाध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से जबलपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश जल निगम के संयुक्त तत्वावधान में संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जबलपुर, कटनी, डिंडोरी और नरसिंहपुर जिले के पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग के जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में मध्यप्रदेश जल निगम के प्रबंध संचालक एवं कटनी के पूर्व कलेक्टर के.वी.एस. चौधरी ने ग्रामीण नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन से जुड़े नवीन नियमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित पेयजल आपूर्ति, ग्राम पंचायतों की भूमिका, वित्तीय प्रबंधन, जल योजनाओं के संचालन, जिला एवं जनपद स्तरीय समितियों की जिम्मेदारियों तथा डिजिटल एप्लीकेशन के उपयोग पर अधिकारियों को उपयोगी सुझाव दिए। साथ ही प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया।
प्रशिक्षण सत्र में सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक पी.के. रघुवंशी और ग्रामीण जल नीति विशेषज्ञ प्रबल प्रताप सिंह ने पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने, जल आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने तथा पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बिलिंग एवं भुगतान प्रणाली की जानकारी साझा की।
जिला पंचायत कटनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने 22 जून 2026 को जारी राजपत्र के तहत लागू नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को कर, शुल्क और प्रभार की ऑनलाइन व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुगम बनाना होगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री हनुमत गुप्ता सहित चारों जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तकनीकी अधिकारी एवं अन्य जिला व जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


