कटनी। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्राम खितौली में आयोजित शिविर में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ मानवीय संवेदना और जनसहभागिता की तस्वीर भी देखने को मिली। यहां विधायक विजयराघवगढ़ संजय सत्येन्द्र पाठक और कलेक्टर आशीष तिवारी ने उपचाररत टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए।
इस दौरान विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक ने खितौली क्षेत्र में उपचाररत 60 टीबी मरीजों को आगामी 6 माह तक फूड बास्केट उपलब्ध कराने के लिए सहयोग राशि देने की घोषणा की। इससे मरीजों को नियमित उपचार के साथ पोषण संबंधी सहायता भी मिल सकेगी।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रवर्तित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कलेक्टर आशीष तिवारी की पहल पर जिले में निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में अब विधायक संजय पाठक ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है।
इलाज के साथ पोषण पर जोर
शिविर में स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवाओं का सेवन करने और संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि टीबी के उपचार में दवाओं के साथ पर्याप्त पोषण भी मरीज की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित गतिविधियों और 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और पोषण सहयोग के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों से भी हुआ सीधा संवाद
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी लेने के साथ ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी गईं।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समस्याओं के निराकरण और पात्र लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरन प्रीत कौर सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
60 टीबी मरीजों के लिए छह महीने तक पोषण सहयोग की यह पहल न सिर्फ उपचाररत मरीजों को सहारा देगी, बल्कि टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी की अहमियत को भी सामने लाती है।


