कटनी। ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कटनी जिले में डिजिटल टैक्सेशन और OSR (Own Source Revenue) प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। ऑनलाइन भुगतान प्राप्ति प्रणाली के माध्यम से कर एवं फीस की वसूली के मामले में जनपद पंचायत कटनी जिले की सभी जनपद पंचायतों में पहले स्थान पर पहुंच गई है।
जनपद पंचायत कटनी द्वारा अब तक 7.55 लाख रुपए की कर वसूली की गई है। वहीं, जिला पंचायत कटनी कर एवं फीस के ऑनलाइन भुगतान के मामले में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है। प्रशासन के अनुसार इस उपलब्धि के पीछे जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की लगातार निगरानी, अधिकारियों को दिए जा रहे प्रभावी निर्देश और डिजिटल भुगतान को लेकर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान प्रमुख कारण हैं।
पंचायतों की आय बढ़ाने पर फोकस
ग्राम पंचायतों के विकास के लिए केवल शासन से मिलने वाली राशि पर निर्भरता कम करने और पंचायतों की अपनी आय के स्रोत मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से OSR यानी स्वयं के आय स्रोत को बढ़ाने की दिशा में कर एवं फीस की नियमित वसूली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल टैक्सेशन को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य एवं वैकल्पिक करों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। इनमें जल कर, स्वच्छता कर, संपत्ति कर, प्रकाश कर सहित अन्य कर एवं फीस शामिल हैं।
ग्राम पंचायतों में आरोपित कर राशि एवं भुगतान से संबंधित जानकारी फ्लेक्स, बैनर और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए प्रदर्शित की जा रही है, ताकि ग्रामीण नागरिकों को अपने कर दायित्वों की जानकारी आसानी से मिल सके और वे समय पर भुगतान कर सकें।
ग्रामीणों में बढ़ रही डिजिटल भुगतान की जागरूकता
अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन कर भुगतान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है। नागरिक सेवा पोर्टल और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से घर बैठे कर एवं फीस का भुगतान किया जा सकता है। इससे ग्रामीणों को पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने और नकद भुगतान की परेशानी से भी राहत मिलती है।
डिजिटल भुगतान से न केवल भुगतान प्रक्रिया आसान होती है, बल्कि प्रत्येक लेनदेन का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है। इससे कर संग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलती है।
सुश्री कौर ने ग्रामीणों से की नियमित कर भुगतान की अपील
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नागरिकों से कर एवं फीस का नियमित भुगतान करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं के लिए निर्धारित कर एवं फीस का समय पर भुगतान पंचायतों की अपनी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंचायतों की आय जितनी मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं के लिए संसाधन उतने ही बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने ग्रामीण नागरिकों से नागरिक सेवा पोर्टल एवं Online Payment Gateway के माध्यम से डिजिटल भुगतान करने का आग्रह किया है।
डिजिटल भुगतान से क्या होगा फायदा?
समय की बचत: ऑनलाइन भुगतान कुछ ही समय में किया जा सकता है और कार्यालय में जाकर लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं रहती।
पारदर्शिता: डिजिटल लेनदेन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहने से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।
सुविधा: नागरिक घर बैठे मोबाइल के माध्यम से कर एवं फीस का भुगतान कर सकते हैं।
सुरक्षित लेनदेन: नकद राशि साथ रखने की आवश्यकता कम होती है और डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत होती है।
रसीद और रिकॉर्ड: ऑनलाइन भुगतान के बाद लेनदेन का रिकॉर्ड और रसीद उपलब्ध रहती है, जिसे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर देखा जा सकता है।
पंचायतों के आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में कदम
कटनी जनपद की 7.55 लाख रुपए की कर वसूली को पंचायतों की स्वयं की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन का फोकस अब डिजिटल टैक्सेशन को और व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से जोड़ने पर है।
यदि यह व्यवस्था लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ती है तो ग्राम पंचायतों की स्वयं की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए पंचायतों की आर्थिक क्षमता भी मजबूत हो सकती है।


