कटनी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवासों की पूर्णता में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। जिले की सभी जनपद पंचायतों के 39 सेक्टर सुपरवाइजरों को पत्र जारी कर 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्तर पर 20 अगस्त को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई थी। समीक्षा में आवास पूर्णता की धीमी प्रगति को लेकर निर्देश जारी किए गए। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की है।
2024-25 के 90% और 2025-26 के 50% आवास पूरे करने का लक्ष्य
जिला पंचायत सीईओ द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 30 सितंबर 2026 तक वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवासों में 90 प्रतिशत तथा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आवासों में 50 प्रतिशत आवासों की पूर्णता सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित रुचि नहीं लेना और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों एवं निर्देशों की अवहेलना करना पदीय दायित्वों के विपरीत आचरण की श्रेणी में माना जाएगा।
लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो वेतन कटौती
जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं आने पर आगामी माह के वेतन का भुगतान प्रगति के आधार पर समानुपातिक रूप से वेतन कटौती के बाद किया जाएगा।
किस जनपद से कितने सुपरवाइजरों को पत्र?
कटनी: 5
रीठी: 7
बड़वारा: 4
विजयराघवगढ़: 7
बहोरीबंद: 9
ढीमरखेड़ा: 7
इस तरह कुल 39 सेक्टर सुपरवाइजरों को निर्धारित समय-सीमा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवासों की पूर्णता में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत के इस सख्त निर्देश के बाद अब संबंधित सेक्टर सुपरवाइजरों पर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का दबाव बढ़ गया है। 30 सितंबर की समय-सीमा के बाद ही स्पष्ट होगा कि लक्ष्य पूरा करने में कौन से क्षेत्र आगे रहे और किन अधिकारियों के वेतन पर कटौती की कार्रवाई होती है।


