कटनी। जिले में लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मामूली विवादों में चाकू निकलने और लोगों के घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पिछले कुछ समय में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चाकूबाजी की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। कहीं आपसी रंजिश में हमला हुआ तो कहीं छोटी-छोटी कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई। इन घटनाओं में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पतालों में कराया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का भय कम होता दिखाई दे रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के साथ घूमने वाले असामाजिक तत्वों के कारण आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो हालात और चिंताजनक हो सकते हैं।
हालांकि पुलिस का दावा है कि चाकूबाजी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़, निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद लगातार सामने आ रही घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
जानकारों का मानना है कि बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति, नशे की लत, आपसी विवाद और सोशल मीडिया पर दिखावे की संस्कृति भी ऐसे अपराधों को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता की भी जरूरत है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कटनी में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा और आम लोगों के मन में कानून का खौफ तथा सुरक्षा का भरोसा कब लौटेगा?


